बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है, इन्फ्लुएंजा वायरस के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है।
यह मुख्य रूप से पक्षियों के बीच फैलता है, लेकिन पक्षियों से अन्य जानवरों में और दुर्लभ मामलों में मनुष्यों में भी फैल सकता है।
हालाँकि मनुष्यों में यह दुर्लभ है, लेकिन बीमार पक्षियों या अन्य जानवरों के निकट संपर्क में आने वाले लोगों को बर्ड फ्लू होने का खतरा अधिक होता है।
ऑस्ट्रेलिया में और अंतर्राष्ट्रीय तौर पर जंगली पक्षियों में बर्ड फ्लू होने का पता चला है। अन्य जानवरों (जैसे कि लाइवस्टॉक [पशुधन]) में संक्रमण होना कम सामान्य है पर यह हो सकता है।
यदि आपके शरीर में बर्ड फ्लू के प्रकोप वाले देश से हाल ही में लौटने के बाद या बीमार या मृत पक्षियों या जानवरों के संपर्क में आने के बाद फ्लू जैसे लक्षण पैदा होते हैं, तो अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
ठीक से पकाए गए चिकन और अंडे से बर्ड फ्लू होने का खतरा बहुत कम होता है। मुर्गे-मुर्गियों और अंडों को हमेशा अच्छी तरह से पकाएं और कच्चे मुर्गे-मुर्गियों और अंडों की संंभाल सावधानीपूर्वक करें।
यदि आपको कई बीमार या मृत पक्षी या जानवर दिखाई दें, तो उनसे संपर्क करने से बचें, जो कुछ भी आप देखें उसे रिकॉर्ड करें और इसकी सूचना ऊर्जा, पर्यावरण और जलवायु कार्रवाई विभाग (Department of Energy, Environment and Climate Action) या आपातकालीन पशु रोग हॉटलाइन (Emergency Animal Disease Hotline) को 1800 675 888 पर दें।
बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है, इन्फ्लुएंजा वायरस के विभिन्न प्रकारों के कारण होने वाला एक संक्रामक रोग है। ये वायरस मनुष्यों में इन्फ्लूएंजा (फ्लू) पैदा करने वाले वायरस के समान होते हैं।
इस वायरस के कुछ प्रकार पक्षियों में कोई रोग पैदा नहीं करते हैं या फिर मामूली रोग पैदा करते हैं, जबकि अन्य प्रकार गंभीर रोग या मृत्यु का कारण बनते हैं। हालांकि जंगली पक्षियों और पोल्ट्री उद्योग में प्रयोग किए जाने वाले पक्षी मुख्य रूप से प्रभावित होते हैं, लेकिन कुछ प्रकार जंगली जानवरों, पालतू पशुओं और मवेशियों (लाइवस्टॉक) जैसे स्तनधारियों को भी संक्रमित कर सकते हैं।
बर्ड फ्लू के एक अत्यधिक संक्रामक स्ट्रेन (प्रकार) का पता चला है जो कि अधिकांश विश्व-भर में पक्षियों और स्तनधारियों में जल्दी से फैल गया है।
मनुष्य इससे शायद ही कभी संक्रमित होते हैं।
मनुष्यों में बर्ड फ्लू के लक्षण
बर्ड फ्लू संक्रमण से कोई लक्षण नहीं होते हैं या फिर मामूली लक्षण होते हैं, लेकिन कभी-कभी गंभीर लक्षण भी हो सकते हैं। लक्षण दिखने पर वे मौसमी फ्लू के समान होते हैं और उनमें शामिल हैं:
बुखार
खांसी
गले में खराश
नाक बहना
आंखों में लालिमा और सूजन (कंजंक्टिवाइटिस)
मांसपेशियों में दर्द और पीड़ा
सिरदर्द
थकान
सांस लेने में तकलीफ
मतली, उल्टी या दस्त।
लोगों में, H5N1 बर्ड फ्लू मामूली से लेकर गंभीर लक्षण पैदा कर सकता है। यह कभी-कभी मृत्यु का कारण भी बन सकता है।
लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 2 से 10 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं।
यदि आपके शरीर में बर्ड फ्लू के प्रकोप वाले देश या क्षेत्र से हाल ही में लौटने के बाद या बीमार या मृत पक्षियों या जानवरों के संपर्क में आने के बाद फ्लू जैसे लक्षण पैदा होते हैं, तो अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
जटिलताएं
गंभीर बर्ड फ्लू संक्रमण से तंत्रिका तंत्र में परिवर्तन, निमोनिया (फेफड़ों का संक्रमण), एन्सेफलाइटिस (मस्तिष्क की सूजन) या मृत्यु हो सकती है।
बर्ड फ्लू कैसे फैलता है
बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों के बीच फैलता है। यह कभी-कभी पक्षियों से अन्य जानवरों में और दुर्लभ मामलों में मनुष्यों में भी फैल सकता है। बर्ड फ्लू बहुत ही दुर्लभ मामलों में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
लोग संक्रमित हो सकते हैं यदि वे:
संक्रमित पक्षियों और अन्य जानवरों या उनके श्वसन स्राव, मल (बीट) और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के निकट संपर्क में आ चुके हों
दूषित धूल या खांसने/छीकनें से बाहर आने वाली बूंदें उनके सांस लेने पर उनके शरीर में प्रवेश करती हैं।
ठीक से पकाए गए चिकन और अंडे से बर्ड फ्लू होने का खतरा बहुत कम होता है। मुर्गे-मुर्गियों और अंडों को हमेशा अच्छी तरह से पकाएं और कच्चे मुर्गे-मुर्गियों और अंडों की संंभाल सावधानीपूर्वक करें।
खतरा किसे है
अधिकांश लोगों को बर्ड फ्लू का खतरा नहीं होता है।
बर्ड फ्लू होने का अधिक खतरा उन लोगों को होता है जो:
बर्ड फ्लू के प्रकोपों वाले देशों की यात्रा करते हैं और जो बीमार पक्षियों या अन्य जानवरों के संपर्क में आते हैं
पक्षियों (और उनके श्वसन स्राव, मल [बीट] या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों) के साथ निकट संपर्क में आते हैं, जैसे कि पोल्ट्री (मुर्गीपालन आदि) या वन्यजीव कार्यकर्ता।
रोकथाम
बीमार या मृत पक्षी मिलने पर क्या करें
सामान्यतः, लोगों को यथासंभव बीमार या मृत जानवरों के संपर्क से बचना चाहिए। यदि आपको कई बीमार या मृत पक्षी या जानवर मिलते हैं, तो आपको निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
संपर्क से बचें
जो कुछ भी आप देखते हैं उसे रिकॉर्ड करें (जानवरों और अपने स्थान की तस्वीर या वीडियो लेकर);
ऊर्जा, पर्यावरण और जलवायु कार्रवाई विभाग (Department of Energy, Environment and Climate Action) को या आपातकालीन पशु रोग हॉटलाइन को 1800 675 888 (24/7) पर इसकी सूचना दें।
आपको मौसमी फ्लू का टीका लगवाने का पुरजोर सुझाव दिया जाता है। इससे आपका एक ही समय पर मौसमी फ्लू और बर्ड फ्लू दोनों के संपर्क में आने पर गंभीर रूप से बीमार होने का जोखिम कम होता है। इससे फ्लू के प्रकारों के मिश्रण से नए वायरस उत्पन्न होने की संभावना भी कम होती है।
यात्रियों के लिए सलाह
यदि आप बर्ड फ्लू के प्रकोपों वाले देशों या क्षेत्रों की यात्रा कर रहे हैं, तो संक्रमण से बचाव के लिए आपको निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए:
जंगली पक्षियों और अन्य जानवरों, पोल्ट्री फार्मों और जीवित पशुओं के 'परंपरागत' बाज़ारों से बचें
कच्चे पोल्ट्री (मुर्गी, बत्तख आदि) के मांस और अंडे को छूने के बाद साबुन और पानी से हाथ धोएं, और इन उत्पादों को छूने के बाद अपनी आंखों, नाक या मुंह को छूने से बचें
कच्चा पोल्ट्री (मुर्गी, बत्तख आदि) पकाने करने के बाद रसोई के सभी बर्तनों को धोएं और खाना पकाने की सतहों को साफ करें
खाने से पहले सुनिश्चित करें कि पोल्ट्री (मुर्गी, बत्तख आदि) के मांस और अंडे अच्छी तरह से पके हुए हों
कच्चे, बिना पाश्चुरीकृत दूध या दूध उत्पादों का सेवन न करें।
जो लोग पोल्ट्री (मुर्गी, बत्तख आदि) या बीमार पक्षियों और अन्य जानवरों के साथ निकट संपर्क वाले स्थानों पर काम करते हैं, उन्हें संक्रमण से बचने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। इसमें अच्छे स्वच्छता अभ्यासों और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण जैसे P2/N95 रेस्पिरेटर मास्क, चश्मे, दस्ताने और सुरक्षात्मक कपड़ों का उपयोग करना शामिल है।
श्रमिकों को हर साल मौसमी फ्लू का टीका लगवाने की भी पुरजोर सलाह दी जाती है।
बर्ड फ्लू का निदान कैसे किया जाता है
बर्ड फ्लू का निदान नाक और गले से लिए गए स्वाब की जांच करके किया जाता है।
यदि आपको फ्लू जैसे लक्षण हैं और आप बीमार पक्षियों या अन्य जानवरों के निकट संपर्क में रहे हैं, या आप किसी ऐसे देश या क्षेत्र से लौटे हैं जहाँ बर्ड फ्लू के प्रकोप हैं, तो आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
उन्हें बर्ड फ्लू के संपर्क में आने की किसी भी संभावना के बारे में सूचित करें। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए पहले से फोन करके उन्हें सूचित करें और मास्क जरूर पहनें।
बर्ड फ्लू का इलाज कैसे करें
मौसमी फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीवायरल दवाएं बर्ड फ्लू में भी प्रभावी होती हैं और गंभीर बीमारी को रोकने में मदद करती हैं।
यदि आप बर्ड फ्लू के संपर्क में आए हैं
यदि आपको बर्ड फ्लू है
यदि यह पता चलता है कि आपको बर्ड फ्लू है, तो इसे फैलने से रोकने के लिए आपको खुद को दूसरों से अलग (आइसोलेट) करना होगा। यदि आपको अस्पताल में भर्ती किए जाने की आवश्यकता है, तो आपका इलाज संक्रमण नियंत्रण सावधानियों के तहत किया जाएगा।
स्थानीय जन स्वास्थ्य इकाई (Local Public Health Unit) बर्ड फ्लू से पीड़ित लोगों, उनके डॉक्टरों और प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर समुदाय में बर्ड फ्लू के संभावित जोखिम की जांच करने और इसपर प्रतिक्रिया करने के लिए काम करती है।
यदि आप किसी संक्रमित पक्षी या जानवर के करीब रहे हैं
यदि आप बर्ड फ्लू के संपर्क में आए हैं, तो आपको उन लक्षणों के बारे में जानकारी दी जाएगी जिनपर नज़र रखी जानी चाहिए। यदि आपके शरीर में लक्षण विकसित होते हैं, तो घर पर ही रहें और केवल जांच करवाने के लिए ही घर से बाहर निकलें।
कुछ लोगों को गंभीर बीमारी से बचाव के लिए एंटीवायरल दवा लेने की सलाह दी जा सकती है।
स्थानीय जन स्वास्थ्य इकाई (Local Public Health Unit) जानकारी प्रदान करती है और बर्ड फ्लू के संपर्क में आए लोगों की नियमित निगरानी करती है।
जानवरों में बर्ड फ्लू
एग्रीकल्चर विक्टोरिया (Agriculture Victoria) एक पशु स्वास्थ्य प्राधिकरण है जो जानवरों (उदाहरण के लिए, पोल्ट्री फार्मों) में बर्ड फ्लू के प्रकोपों की जांच और इनपर प्रतिक्रिया करता है।
विक्टोरिया में बर्ड फ्लू का प्रकोप होने पर, संक्रमित पक्षियों के संभवत: संपर्क में आए लोगों की नियमित निगरानी स्थानीय जन स्वास्थ्य इकाई (Local Public Health Unit) द्वारा की जाती है।
सहायता कहाँ से प्राप्त करें
आपात स्थिति में, हमेशा ट्रिपल जीरो (000) पर कॉल करें
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